آیه 53 سوره غافر: تفاوت بین نسخهها
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محتویات
ترجمه های فارسی
و همانا ما به موسی مقام هدایت عطا کردیم و بنی اسرائیل (قوم او) را وارث کتاب (بزرگ تورات) گردانیدیم.
محققاً ما به موسی هدایت عطا کردیم و کتاب [تورات] را به بنی اسرائیل به میراث دادیم؛
و قطعاً موسى را هدايت داديم، و به فرزندان اسرائيل تورات را به ميراث نهاديم؛
ما به موسى مرتبه هدايت داديم و آن كتاب را به بنىاسرائيل ميراث داديم.
و ما به موسی هدایت بخشیدیم، و بنی اسرائیل را وارثان کتاب (تورات) قرار دادیم.
ترجمه های انگلیسی(English translations)
معانی کلمات آیه
«الْهُدی»: مصدر است و به معنی: هدایت و رهنمود، یا هدایتها و رهنمودها. مراد از آن، نبوّت و معجزات و دستورالعملهای زندگی خداپسندانه، و بالاخره هر چیزی است که با آن، میتوان مردمان را به راه یزدان هدایت و راهنمائی کرد و مهمّترین آنها تورات است. «الْکِتَابَ»: مراد تورات، و یا همه کتابهائی است که بر پیغمبران بنیاسرائیل نازل شده است. از قبیل: زبور و صحف و تورات و انجیل.
تفسیر آیه
تفسیر نور (محسن قرائتی)
وَ لَقَدْ آتَيْنا مُوسَى الْهُدى وَ أَوْرَثْنا بَنِي إِسْرائِيلَ الْكِتابَ «53»
و همانا ما به موسى هدايت داديم و به بنى اسرائيل كتاب آسمانى (تورات) را به ميراث داديم.
هُدىً وَ ذِكْرى لِأُولِي الْأَلْبابِ «54»
(كه) مايهى هدايت و تذكّر براى خردمندان است.
نکته ها
در آيات قبل سخن از نصرت انبيا و مؤمنان بود، در اينجا گويا نمونهى «رُسُلَنا» را موسى و نمونهى «الَّذِينَ آمَنُوا» را بنى اسرائيل بيان كرده است.
«الباب» جمع «لب» به معناى عقل و خرد خالص است.
پیام ها
1- هدايت، هديهاى از سوى خداوند است. «ايتاء» به معناى «عطا» است. «آتَيْنا مُوسَى الْهُدى»
2- هادى بايد قبلًا هدايت يافته باشد. «آتَيْنا مُوسَى الْهُدى»
3- همه مردم حتّى انبيا به هدايت الهى نياز دارند. «آتَيْنا مُوسَى الْهُدى»
4- هدايت، اگر بخواهد ماندگار شود بايد مكتوب شود و رمز جاودانگى اديان الهى، كتب آسمانى است. «آتَيْنا مُوسَى الْهُدى وَ أَوْرَثْنا بَنِي إِسْرائِيلَ الْكِتابَ»
5- هدايت اگر همراه با تذكّر نباشد، به فراموشى سپرده مىشود. «هُدىً وَ ذِكْرى»
6- درك معارف آسمانى، به خرد و تقوا نياز دارد. «هُدىً لِلْمُتَّقِينَ» «1»، «هُدىً وَ ذِكْرى لِأُولِي الْأَلْبابِ»
7- عقل، انسان را از وحى بى نياز نمىكند، بلكه هر دو مكمّل يكديگرند. «هُدىً وَ ذِكْرى لِأُولِي الْأَلْبابِ»
«1». بقره، 2.
جلد 8 - صفحه 272
8- عناصر سعادت چند چيز است: الف) لطف و هدايت الهى. «وَ لَقَدْ آتَيْنا مُوسَى» ب) رهبرى معصوم. «مُوسَى» ج) قانون آسمانى. «الْكِتابَ» د) تذكّر و دورى از غفلت. «ذِكْرى» ه) عقل و خرد ناب و خالص. «لِأُولِي الْأَلْبابِ»
9- بيدارى و پندآموزى نشانه عقل سليم و خرد ناب است. «ذِكْرى لِأُولِي الْأَلْبابِ»
10- معارف كتب آسمانى مطابق عقل و خرد است. «ذِكْرى لِأُولِي الْأَلْبابِ»
پانویس
منابع
- تفسیر نور، محسن قرائتی، تهران:مركز فرهنگى درسهايى از قرآن، 1383 ش، چاپ يازدهم
- اطیب البیان فی تفسیر القرآن، سید عبدالحسین طیب، تهران:انتشارات اسلام، 1378 ش، چاپ دوم
- تفسیر اثنی عشری، حسین حسینی شاه عبدالعظیمی، تهران:انتشارات ميقات، 1363 ش، چاپ اول
- تفسیر روان جاوید، محمد ثقفی تهرانی، تهران:انتشارات برهان، 1398 ق، چاپ سوم
- برگزیده تفسیر نمونه، ناصر مکارم شیرازی و جمعي از فضلا، تنظیم احمد علی بابایی، تهران: دارالکتب اسلامیه، ۱۳۸۶ش
- تفسیر راهنما، علی اکبر هاشمی رفسنجانی، قم:بوستان كتاب(انتشارات دفتر تبليغات اسلامي حوزه علميه قم)، 1386 ش، چاپ پنجم




