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| سطر ۴۴: |
سطر ۴۴: |
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| | == تفسیر آیه == | | == تفسیر آیه == |
| − | <tabber> | + | <tafsir sura="6" ayeh="102" /> |
| − | تفسیر نور=
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| − | ===تفسیر نور (محسن قرائتی)===
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| − | {{ نمایش فشرده تفسیر|
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| − | بَدِيعُ السَّماواتِ وَ الْأَرْضِ أَنَّى يَكُونُ لَهُ وَلَدٌ وَ لَمْ تَكُنْ لَهُ صاحِبَةٌ وَ خَلَقَ كُلَّ شَيْءٍ وَ هُوَ بِكُلِّ شَيْءٍ عَلِيمٌ «101»
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| − | (او) پديد آورندهى آسمانها و زمين است، چگونه براى او فرزندى باشد، در حالى كه براى او همسرى نبوده است و او هر چيز را آفريده و به هر چيز داناست.
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| − | ذلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ لا إِلهَ إِلَّا هُوَ خالِقُ كُلِّ شَيْءٍ فَاعْبُدُوهُ وَ هُوَ عَلى كُلِّ شَيْءٍ وَكِيلٌ «102»
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| − | آن است خداوند، پروردگار شما، معبودى جز او نيست، آفريدگار هر چيز است، پس او را بپرستيد و او نگهبان و مدبّر همه چيز است.
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| − | ===نکته ها===
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| − | كلمهى «بَدِيعُ» به معناى آفريدن ابتكارى است (نه تقليدى).
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| − | آنكه آسمانها و زمين را بدون تقليد و نقشهى قبلى آفريد، چه نيازى به فرزند و همسر دارد؟ او با يك اراده، آنچه را بخواهد خلق مىكند.
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| − | ===پیام ها===
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| − | 1- آفريدگار جهان، توانمند است ونيازى به همسر وفرزند ندارد. «بَدِيعُ السَّماواتِ»
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| − | 2- خدايى را كه قرآن معرفى مىكند، با خدايى كه ديگران عقيده دارند مقايسه كنيد. «ذلِكُمُ اللَّهُ»
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| − | 3- در عقيدهى اسلامى، آفريدگار و پروردگار يكى است. رَبُّكُمْ ... خالِقُ كُلِّ شَيْءٍ (امّا مشركان، خالق را اللَّه مىدانند، ولى عقيده به چندين ربّ دارند).
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| − | 4- خالقيّت مطلقهى خدا، دليل توحيد است. «لا إِلهَ إِلَّا هُوَ خالِقُ كُلِّ شَيْءٍ»
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| − | 5- هم آفرينش به دست خداست، هم بقا و ثبات هر چيز به ارادهى اوست. «خالِقُ- وَكِيلٌ»
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| − | جلد 2 - صفحه 522
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| − | 6- ربوبيّت وخالقيّت خدا، فلسفهى پرستش است. رَبُّكُمْ ... خالِقُ كُلِّ شَيْءٍ فَاعْبُدُوهُ
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| − | اثنی عشری=
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| − | ===تفسیر اثنی عشری (حسینی شاه عبدالعظیمی)===
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| − | {{نمایش فشرده تفسیر|
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| − | ذلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ لا إِلهَ إِلاَّ هُوَ خالِقُ كُلِّ شَيْءٍ فَاعْبُدُوهُ وَ هُوَ عَلى كُلِّ شَيْءٍ وَكِيلٌ (102)
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| − | ذلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ: اين موصوف به اين صفات خدا كه جامع جميع صفات كماليه و منزه از كلّيّه نقايص و عيوب است پروردگار شما لا إِلهَ إِلَّا هُوَ:
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| − | نيست هيچ معبودى مستحق عبادت به غير از ذات يگانه او خالِقُ كُلِّ شَيْءٍ:
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| − | خلق كننده همه چيزها است فَاعْبُدُوهُ: حكمى است مسبب از مضمون اخبار مذكوره، يعنى چون ذات حق سبحانه مستجمع اين صفات است پس او را
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| − | تفسير اثنا عشرى، ج3، ص: 345
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| − | بپرستيد كه مستحق بندگى و ستايش او است لا غير، به جهت اتّصاف او بدين صفات مذكوره ممدوحه وَ هُوَ عَلى كُلِّ شَيْءٍ وَكِيلٌ: و او است با وجود صفات كمال، بر هر چيزى نگهبان و متولّى امور بندگان، پس توكل بر او نمائيد و همه امور به او تفويض كنيد و بوسيله عبادت او نجات را طلبيد، چه او است حافظ اعمال شما و شما را بدان مجازات خواهد داد، پس به غير او ملتجى نشويد، و به وجه تام به او توجه نمائيد. قال رسول اللّه صلّى اللّه عليه و آله من احبّ ان يكون اقوى النّاس فليتوكّل على اللّه «1» يعنى فرمود پيغمبر صلّى اللّه عليه و آله: هر كه مىخواهد و دوست دارد قويتر باشد از تمام مردم، پس توكل بر خدا نمايد.
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| − | روان جاوید=
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| − | ===تفسیر روان جاوید (ثقفى تهرانى)===
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| − | {{نمایش فشرده تفسیر|
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| − | ذلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ لا إِلهَ إِلاَّ هُوَ خالِقُ كُلِّ شَيْءٍ فَاعْبُدُوهُ وَ هُوَ عَلى كُلِّ شَيْءٍ وَكِيلٌ (102)
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| − | ترجمه
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| − | اين خداى شما پروردگارتان است نيست خدائى مگر او كه آفريدگار همه چيز است پس عبادت كنيد او را و او بر همه چيز حكم فرما است.
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| − | جلد 2 صفحه 362
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| − | تفسير
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| − | اين خداوند موصوف بصفات مذكوره موجد و مربّى و مدبّر امور شما است يا اين موصوف خداوند است كه پروردگار شما است و نيست معبود بحقى جز او و او آفريننده تمام موجودات است از جواهر و اعراض پس مستحق عبادت است چون منعم است و شكر نعمت واجب است و او بر هر چيز حافظ و نگهبان و كارگذار و حكم ران است پس بايد در امور توكّل باو نمود و تفويض امر باو كرد و از او خواست اصلاح امور دنيا و آخرت را در خصال از حضرت باقر و در عيون از حضرت رضا عليهما السلام نقل نموده كه افعال بندگان مخلوق خدايند بتقدير نه تكوين و خدا خالق هر چيزى است و ما قائل بجبر و تفويض نيستيم و شرح اين داستان در ذيل آيه تلك الرّسل فضّلنا بعضهم در سوره بقره گذشت و بقدر وسع اين حقير بيان شد و تكرار نمىشود ..
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| − | اطیب البیان=
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| − | ===اطیب البیان (سید عبدالحسین طیب)===
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| − | ذلِكُمُ اللّهُ رَبُّكُم لا إِلهَ إِلاّ هُوَ خالِقُ كُلِّ شَيءٍ فَاعبُدُوهُ وَ هُوَ عَلي كُلِّ شَيءٍ وَكِيلٌ (102)
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| − | اينست خداوند پروردگار شما نيست الهي مگر او خلقكننده هر چيزيست پس بايد او را بپرستيد و او است بر هر چيزي نگهبان.
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| − | ذلِكُمُ اللّهُ اينکه شئون و صفات مذكوره در آيات قبل خصيصه ذات اقدس ربوبي است که نام نامي و اسم گرامي او اللّه است که اسم است از براي ذات مقدسي که مستجمع جميع كمالات و منزه و مبراء از جميع نقائص و عيوب باشد.
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| − | ربّكم مربّي شماها است که از نيستي صرف ايجاد فرمود در مادة المواد و هر آني اطوار مختلفه و صور متشتته و البسه متجدده بقامت شما پوشانيد تا بعالم
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| − | جلد 7 - صفحه 157
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| − | انسانيت رسانيد و عقل و شعور و ادراك و فهم بشما عنايت فرمود.
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| − | لا إِلهَ إِلّا هُوَ گذشت در شرح كلمه طيّبه لا اله الا اللّه اشكالي که بعض بيخردان كردند که لا لاء نفي جنس است احتياج باسم و خبر دارد و خبر آن محذوف است يا ممكن و يا موجود بايد باشد و بر هر تقدير اشكال وارد ميشود زيرا اگر بگويي: لا اله ممكن الّا اللّه، فقط اثبات امكان وجود اللّه ميكند ولي اثبات وجود نميكند و اگر بگويي: لا اله موجود الّا اللّه، نفي امكان اله غير او را نميكند و گفتيم در جواب اينکه اشكال اينكه لا نفي حقيقت ميكند احتياج باسم و خبر ندارد مثل کان تامّه و ليس تامه ميگويي کان اللّه و لم يكن معه شيء معني حقيقة الوهيت منحصر و مختص بذات مقدس او است.
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| − | خالِقُ كُلِّ شَيءٍ کل ما يصدق عليه شيء فهو خالقه و موجده و محييه و فاعله غاية الامر افعال الهيه بر دو قسم است بعضي بدون اسباب و وسائط و معدات است و بعضي باسباب و معدات است که گفتند (ابي اللّه ان يجري الامور الّا باسبابها) و در افعال اختياريه عباد يكي از اسباب اختيار عبد است و باين جهت صحت دارد استناد فعل بعبد و موجب صحت ثواب و عقاب و تكليف ميشود و جبر لازم نميآيد و صحيح است استناد بخداوند زيرا ساير اسباب و معدات بدست قدرت او است و تفويض غلط است لذا فرمودند
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| − | (لا جبر و لا تفويض بل امر بين الامرين.)
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| − | فَاعبُدُوهُ بحكم عقل و شرع بايد عبادت و بندگي او را نمود و غير او هر که باشد و هر چه باشد لايق پرستش نيست زيرا تمام در عبوديت مساوي هستند از ملائكه و انبياء و اولياء و من دونهم.
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| − | وَ هُوَ عَلي كُلِّ شَيءٍ وَكِيلٌ همين نحوي که جميع ممكنات در ايجاد محتاج بموجد هستند در بقاء هم محتاج بمبقي هستند خداوند همين نحوي که آنها را خلق و ايجاد فرمود بقاء و ثبات آنها هم منوط باراده و مشيئة او است (اگر نازي
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| − | جلد 7 - صفحه 158
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| − | كند از هم فروريزند قالبها) و معناي وكيل همين است يعني نگهبان.
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| − | برگزیده تفسیر نمونه=
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| − | ===برگزیده تفسیر نمونه===
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| − | (آیه 102)
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| − | در این آیه پس از ذکر خالقیت، نسبت به همه چیز و ابداع و ایجاد آسمانها و زمین و منزه بودن او از عوارض جسم و جسمانی و همسر و فرزند و احاطه علمی او به هر کار و هر چیز، چنین نتیجه می گیرد: «خداوند و پروردگار شما چنین کسی است (و چون هیچ کس دارای چنین صفات نیست) هیچ کس غیر او نیز شایسته عبودیت نخواهد بود، پروردگار اوست و آفریدگار هم اوست (بنابراین معبود هم تنها او می تواند باشد) پس او را بپرستید» (ذلِکمُ اللّهُ رَبُّکم لا إِلهَ إِلّا هُوَ خالِقُ کلِّ شَیءٍ فَاعبُدُوهُ).
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| − | و در پایان آیه برای این که هر گونه امیدی را به غیر خدا قطع کند و ریشه هر گونه شرک و بطور کلی تکیه به غیر خدا را بسوزاند، می گوید: «حافظ و نگهبان و مدبر همه چیز اوست» (وَ هُوَ عَلی کلِّ شَیءٍ وَکیلٌ).
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| − | سایر تفاسیر=
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| − | سایرتفاسیر این آیه را می توانید در سایت قرآن مشاهده کنید:
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| − | ==تفسیر های فارسی==
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| − | ==={{ترجمه تفسیر المیزان|سوره=6 |آیه=102}}===
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| − | ==={{تفسیر خسروی|سوره=6 |آیه=102}}===
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| − | ==={{تفسیر عاملی|سوره=6 |آیه=102}}===
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| − | ==={{تفسیر جامع|سوره=6 |آیه=102}}===
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| − | ==تفسیر های عربی==
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| − | ==={{تفسیر المیزان|سوره=6 |آیه=102}}===
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| − | ==={{تفسیر مجمع البیان|سوره=6 |آیه=102}}===
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| − | ==={{تفسیر نور الثقلین|سوره=6 |آیه=102}}===
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| − | ==={{تفسیر الصافی|سوره=6 |آیه=102}}===
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| − | ==={{تفسیر الکاشف|سوره=6 |آیه=102}}===
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| − | </tabber>
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| | ==پانویس== | | ==پانویس== |